
उफ एक बुरी खबर उनके लिये जो फेसबुक पर अपने दिल की बात कहकर जी हल्का कर लेने में भरोसा करते हैं। जो ये सोचते हैं कि दिल में उठे भावनाओं के तूफान को शब्दों के लबादे में लिपटाकर दुनिया को बता ही दिया जाय ताकि कुछ लोग जो इस हाले दिल से इत्तेफाक रखते हैं अपनी राय इसपर चस्पा कर दें। कहीं आप भी ऐसी ही कोई गलतफहमी तो नहीं पाले बैठे हैं कि फेसबुक पर आपके जजबातों की कद्र करने के लिये दुनिया पलक पावड़े बिछाये बैठी है। और आपने ज्यूं ही अपनी भावनाएं व्यक्त की लोग आपकी भावना जे जुड़ जायेंगेे।

सम्भव ह ैअब तक आपको लगता रहा हो कि दुनिया आपके कोडवर्ड में कहे गये अहसासों को डीकोड करने में बड़ी दिलचस्पी लेती है। अगर ऐसा है तो आपके इस मुगालते में रहने का वक्त अब खत्म हो चुका है।
वे आपकी बात नहीं सुनना चाहते और आपकी बातों से उन्हें कोई मतलब नहीं है। फेसबुक पर ये फरमान इन दिनों लोकप्रिय हो चुका है। अब तक दुनियाभर के 4857 लोग इस बात से इत्तेफाक रखने लगे हैं कि अपने फेसबुक स्टेटस के जरिये व्यक्तिगत जिन्दगी की हर बात दुनिया तक पहुंचाने वाले लोगों को ऐसा करना बंद कर देना चाहिये। उनका कहना है कि अगर वो ये जानना चाहते कि आपके व्यवसाय या रिस्तों में इस वक्त क्या चल रहा है तो उन्होंने पूछ लिया होता। अगर उन्हें जानना होता कि आप इस वक्त क्यों खुश या दुखी हैं तो वो आपसे जरुर पूछते। अगर उन्हें जरा भी इस बात से मतलब होता कि आप आज दिनभर में क्या करने जा रहे हैं तो वो पूछ लेते।

पर उन्हें इन सब बातों से कोई लेना देना ही नहीं है। वो कहते हैं कि ऐसे स्टेटस मैसेज लिखने का फायदा ही क्या जिनका असल मतलब दुनिया में केवल एक आदमी के सिवाय कोई जानता ही नहीं। अगर आपको किसी खास से कुछ कहना है तो उसे फोन या मैसेज करके कह लीजिये पर उन्हें परेशान मत कीजिये। अब आपको ही तय करना है कि आप अपने मन को ऐसे लोगों के सामने अब भी खोलने को तैयार हैं कि नहीं क्योंकि उनका तो साफ साफ यही कहना है कि Stop Putting Your Life Story In Your Status... We Don't Care!





















1 comments:
लम्बे समय बाद तुम्हारा लिखा कुछ पढ़ा अच्छा लगा.............
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